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ब्रिटेन से पुर्तगाल तक भारतीय मूल के लोग बनें पीएम, क्या अब अमेरिकी में भारत की बेटी बनेगी राष्ट्रपति



<p style="text-align: justify;">भारतवंशी निक्की हेली ने मंगलवार को 2024 में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. निक्की हेली दक्षिण कैरोलिना की पूर्व गवर्नर और संयुक्त राष्ट्र में राजदूत रहीं हैं. उन्होंने ट्विटर पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा, "मैं निक्की हेली हूं और 2024 के राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी का एलान कर रही हूं. 51 साल की निक्की हेली के इस एलान के बाद से भारत में लगातार उनकी चर्चा हो रही है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>निक्की का भारत से कनेक्शन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">निक्की दक्षिण कैरोलिना के बामबर्ग में पैदा हुईं थी. निक्की के माता-पिता पंजाबी हैं. माता-पिता के पंजाबी होने की वजह से निक्की को एक सिख की तरह ही पाला गया. निक्की ने 1996 में माइकल हेली से शादी करके ईसाई धर्म अपना लिया. निक्की ने साल 2020 के रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन स्पीच में कहा था कि मुझे गर्व है कि मैं एक भारतीय माता पिता की संतान हूं. जब मेरे माता-पिता अमेरिका आए थे तब उन्होंने पगड़ी पहनी थी. मेरी मां ने साड़ी पहनी थी. निक्की ने अमेरिका में उनके साथ पेश आए रंगभेद पर भी बात की थी. निक्की ने कहा था कि मुझे मेरे भूरे रंग की वजह से भेदभाव का सामना करना पड़ा, लेकिन मेरे माता-पिता ने कभी भी शिकायत और नफरत के आगे घुटने नहीं टेके.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ट्रम्प और रॉन डिसैंटिस को कड़ी चुनौती दे सकती हैं निक्की</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अमेरिका में अगला राष्ट्रपति चुनाव 5 नवंबर, 2024 को होना है. कई विश्लेषकों का मानना है कि निक्की हेली ट्रम्प और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार रॉन डिसैंटिस को कड़ी चुनौती दे सकती हैं. निक्की हेली भारतीय मूल की पहली पीढ़ी की अमेरिकी हैं , जिन्होंने रंगभेद के भेदभाव के बीच राजनीति में टॉप पर अपनी जगह बनाई है. निक्की हेली अल्पसंख्यक समुदाय से गर्नवर बनने वाली पहली महिला थी. निक्की 37 साल की उम्र में साउथ कैरोलिना की गर्वनर बनी. इसी के साथ निक्की ने सबसे युवा गवर्नर बनने का रिकॉर्ड भी बनाया.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">अमेरिका में निक्की हेली पहली भारतीय मूल की सांसद नहीं है. इस प्रतिनिधित्व को शुरू हुए आधी सदी से ज्यादा का समय हो चुका है. इसकी शुरुआत दलीप सिंह सौंद से हुई थी. दलीप सिंह सौंद भारतीय मूल के अमेरिकी राजनीतिज्ञ थे. दलीप सिंह सौंद केलिफोर्निया के 29वीं संसदीय सीट से अमेरिकी सीनेट थे.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">अमेरिका की राजनीति में बड़ा मुकाम हासिल करने वाली भारतीय मूल की कमला हैरिस इसका सबसे ताजा उदाहरण रही हैं. कमला हैरिस अमेरिका की पहली अश्वेत महिला उपराष्ट्रपति बनीं. 2017 से 2021 तक कमला कैलिफोर्निया की सीनेटर थीं. डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता कमला हैरिस ने 2011 से 2017 तक कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल के रूप में भी काम किया.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">अमेरिका की राजनीति में भारतीय मूल के नेतृत्व की लिस्ट में दलीप सिंह का नाम लेना भी जरूरी है. दलीप सिंह भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक हैं. दलीप सिंह राष्ट्रपति जो बाइडेन के आर्थिक सलाहकार हैं . दलीप सिंह ने रूस के खिलाफ अमेरिका के प्रतिबंध लगाए जाने और दंडात्मक कार्रवाई वाली उस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अमेरिका की राजनीति में और भी भारतीय चेहरे</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नवंबर में हुए अमेरिका मिड टर्म चुनाव (US Mid Term Elections 2022) में अमेरिका की सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी में रिकॉर्ड पांच भारतीय-अमेरिकी सांसद अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए. इस लिस्ट में राजा कृष्णमूर्ति, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, अमी बेरा और श्री थानेदार का नाम शामिल है. कैलिफोर्निया से एक प्रमुख नेता हरमीत ढिल्लों ने हाल ही में रिपब्लिकन नेशनल कमेटी यानी आरएनसी की अध्यक्षता के लिए चुनाव लड़ा था.&nbsp; 54 साल की हरमीत ढिल्लों कैलिफोर्निया रिपब्लिकन पार्टी की पूर्व सह अध्यक्ष रह चुकी हैं. अध्यक्ष पद के लिए हरमीत ने रोना मैकडैनियल के खिलाफ चुनाव लड़ा था.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सिर्फ अमेरिका नहीं ब्रिटेन और दूसरे देशों में भी भारतीय मूल के नेताओं का है बोलबाला</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियो एरिक वरदकर भी भारतीय मूल के हैं. वरदकर अशोक और मरियम वरादकर के बेटे हैं. वरदकर अशोक मुंबई में पैदा हुए . वरदकर अशोक में 1960 के दशक में ब्रिटेन चले गए थे.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा आधे भारतीय और आधे पुर्तगाली हैं. एंटोनियो कोस्टा 2015 से पुर्तगाल के प्रधानमंत्री हैं. एंटोनियो कोस्टा के पिता तमिलनाडु और मां पंजाब से थीं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कनाडा, न्यूजीलैंड में भी भारतीय मूल के राजनेता</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के मंत्रिमंडल में हरजीत सज्जन और कमल खेरा भारतीय मूल के हैं. प्रियंका राधाकृष्णन न्यूजीलैंड में मंत्री बनने वाली भारतीय मूल की पहली व्यक्ति हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">ब्रिटेन में ऋषि सुनक पिछले साल प्रधानमंत्री चुने गए. सुनक ना सिर्फ पहले हिंदू प्रधानमंत्री हैं साथ ही 210 सालों में सबसे कम उम्र के ब्रिटिश प्रधानमंत्री हैं.&nbsp; भारत के गोवा मूल की सुएला ब्रेवरमैन सुनक की गृह मंत्री हैं. सुनक से पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे बोरिस जॉनसन के मंत्रिमंडल में प्रीति पटेल गृह मंत्री थीं. वहीं, आलोक शर्मा जॉनसन कैबिनेट में अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री थे.</p>
<p style="text-align: justify;">2021 इंडियास्पोरा गवर्नमेंट लीडर्स लिस्ट के मुताबिक, दुनिया भर में 200 से ज्यादा नेता भारतीय विरासत के हैं. जिनमें 15 देशों में ये नेता टॉप पर पहुंच चुके हैं. इनमें से 60 से ज्यादा कैबिनेट पदों पर हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इन देशों में ही भारतीय मूल के नेताओं का बोलबाला</strong></p>
<p style="text-align: justify;">चंद्रिकाप्रसाद "चान" संतोखी 2020 से सूरीनाम के राष्ट्रपति हैं. संतोखी का जन्म 1959 में लेलीडोर्प में एक इंडो-सूरीनाम हिंदू परिवार में हुआ था. सूरीनाम साउथ अमेरिका का एक देश है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मॉरीशस के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी भारतीय मूल के हैं</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रविंद जुगनौत जनवरी 2017 से मॉरीशस के प्रधानमंत्री हैं. प्रविंद जुगनौत का जन्म 1961 में एक हिंदू यदुवंशी परिवार में हुआ था. प्रविंद जुगनौत के परदादा 1870 के दशक में उत्तर प्रदेश से मॉरीशस चले गए थे. वहीं मॉरीशस के राष्ट्रपति पृथ्वीराजिंग रूपुन भी एक भारतीय हैं. उनका ताल्लुक आर्य समाज से हैं. राष्ट्रपति पृथ्वीराजिंग रूपुन 2019 से मॉरीशस के राष्ट्रपति हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऑस्ट्रेलिया और गुयाना में भी भारतीय मूल के नेता</strong></p>
<p style="text-align: justify;">देवानंद दवे शर्मा 2019 में ऑस्ट्रेलियाई संसद के सदस्य चुने गए. गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली भी भारतीय मूल के हैं. मोहम्मद इरफान अली का जन्म लियोनोरा में एक मुस्लिम इंडो-गुयानी परिवार में हुआ था.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">क्रिस्टीन कार्ला कंगालू त्रिनिदाद और टोबैगो (Trinidad and Tobago) की निर्वाचित राष्ट्रपति हैं. त्रिनिदाद और टोबैगो एक कैरिबियाई देश है.&nbsp; क्रिस्टीन कार्ला कंगालू का जन्म एक इंडो-त्रिनिदाद परिवार में हुआ था. भारतीय मूल के वकील और लेखक प्रीतम सिंह 2020 से सिंगापुर में विपक्ष के नेता के रूप में कार्यरत हैं. वावेल रामकलावन अक्टूबर 2020 से सेशेल्स के राष्ट्रपति हैं. वावेल रामकलावन के दादा बिहार से ताल्लुक रखते थे.</p>
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